Buckwheat in Hindi : कुट्टू, कुट्टू का आटा, और कुट्टू flour की जानकारी

कुट्टू (Buckwheat in hindi), जिसे हिंदी में ‘कुट्टू’ के नाम से जाना जाता है, एक ख़ास  और पौष्टिक अनाज है। इसे व्रत के दौरान ख़ास तौर से इस्तेमाल किया जाता है और यह ग्लूटेन फ्री होने की वजह से सेहत  के लिए बेहद लाभकारी है। कुट्टू (Buckwheat scientific name) का वैज्ञानिक नाम Fagopyrum esculentum है और यह असल में एक अनाज नहीं है, बल्कि एक बीज है जिसे अनाज की तरह इस्तेमाल किया जाता है। कुट्टू (Buckwheat seeds) के बीज त्रिकोणीय आकार के होते हैं और इसका इस्तेमाल  आटा बनाने में किया जाता है। इस खास किस्म के अनाज को Millets की श्रेणी में रखा गया है।

कुट्टू का आटा खाने के फायदे – Buckwheat flour importance in diet

कुट्टू का आटा व्रत के दौरान ख़ास तौर से इस्तेमाल  किया जाता है। इसमें ग्लूटेन नहीं होता है, इसलिए यह उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है जो ग्लूटेन असहिष्णुता (Buckwheat in gluten sensitivity) से पीड़ित हैं। कुट्टू (Buckwheat) के आटे से पूड़ी, पराठा, इडली और अन्य व्यंजन बनाए जाते हैं। भारतीय रसोई में कुट्टू (Buckwheat) का इस्तेमाल  विभिन्न प्रकार के पकवानों में किया जाता है, जैसे कि कुट्टू के आटे की रोटी, कुट्टू के पकौड़े, कुट्टू का दलिया और कुट्टू की खिचड़ी। ये सभी व्यंजन न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि सेहत  के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं।

कुट्टू में मौजूद पोषक तत्व 

कुट्टू में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन्स और खनिजों की भरपूर मात्रा होती है। इसमें मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फोरस, जिंक और विटामिन बी6 शामिल हैं। कुट्टू  का सेवन हमारे शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व प्रदान करता है। 100 ग्राम कुट्टू में लगभग 343 कैलोरी होती है और यह प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम और अन्य ख़ास  पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है।कुट्टू (Buckwheat in scientific research) पर किए गए वैज्ञानिक अनुसंधानों ने इसके सेहत  लाभों को और भी स्पष्ट किया है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि कुट्टू में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। इसके साथ ही, कुट्टू  में मौजूद रूटिन और अन्य बायोएक्टिव कंपाउंड्स हृदय सेहत  के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।

 कुट्टू के सेहत  लाभ – Buckwheat health benefits

  • कुट्टू में फाइबर की उच्च मात्रा होती है जो पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करती है। कुट्टू का सेवन कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक होता है।
  • कुट्टू में रूटिन नामक फ्लेवोनोइड होता है जो रक्तचाप को नियंत्रित करता है और हृदय को स्वस्थ रखता है। इससे दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा कम होता है।
  • कुट्टू के आटे में बहुत से ऐसे तत्व पाए जाते है जो हड्डियों (बकव्हराट for Bones health) के लिए बहुत ही फायदेमंद होते है। इसमें कैल्शियम के सोकने वाले कुछ तत्व पाए जाते है जो हाड़ियों के लिए फायदेमंद हो सकते है।
  • मैग्नीशियम होने की वजह से यह दातों की सेहत के लिए भी अच्छे है।
  • इसके नियमित सेवन से osteoporosis जैसी बीमारी होने का खतरा काफी कम हो जाता है।
  • कुट्टू का सेवन रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर रखने में भी मदद करता है, जो मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी होता है।
  • इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है जिससे रक्त शर्करा पर प्रभाव नियंत्रित रहता है।
  • वजन को नियंत्रण करने में भी कुट्टू मददगार है।
  • इसमें कम कैलोरी होती है और यह भूख को नियंत्रित करने में सहायक है।
  • इसका सेवन लंबे समय तक भूख को शांत रखता है जिससे वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
  • कुट्टू में पाए जाने वाले विटामिन्स और खनिज इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं।
  • इससे शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम होता है।
  • इसके अलावा, कुट्टू में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं।
  • यह त्वचा को झुर्रियों और अन्य समस्याओं से बचाने में मदद करता है।
  • इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स की वजह से यह बालों (Buckwheat for Hair growth) को भी अच्छी सेहत प्रदान करने में मदद करते है
  • इसके सेवन से follicles को मजबूती मिलती है।

 पर्यावरण के लिए कुट्टू  के फायदे 

कुट्टू की खेती पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद होती है। यह मिट्टी को पोषण प्रदान करता है और फसल चक्र को संतुलित रखने में मदद करता है। कुट्टू के पौधे का इस्तेमाल  हरे खाद के रूप में भी किया जाता है, जिससे मिट्टी की नमी बनी रहती है। इसके पौधे की जड़ें मिट्टी को मजबूती प्रदान करती हैं और इसमें नाइट्रोजन को संचित करने की क्षमता होती है जिससे भूमि की उर्वरता में सुधार होता है।

कुट्टू एक पौष्टिक और सेहत वर्धक अनाज है जिसे भारतीय संस्कृति में ख़ास  स्थान प्राप्त है। इसके इस्तेमाल  से न केवल व्रत के दौरान, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में भी सेहत  लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। कुट्टू को अपनी डाइट में शामिल करके आप अपने सेहत  को बेहतर बना सकते हैं। इस तरह से  कुट्टू के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करके आप अपने सेहत  और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। कुट्टू का नियमित सेवन आपको एक स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन प्रदान कर सकता है।

 कुट्टू से बनने वाले व्यंजन

कुट्टू के आटे से अलग अलग तरीके के स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन बनाए जा सकते हैं। कुट्टू के आटे से बनी रोटी व्रत के दौरान बहुत पसंद की जाती है। यह न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि सेहत  के लिए भी लाभकारी होती है।

कुट्टू के आटे से बनाए गए पकौड़े एक पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता होते हैं। इन्हें आलू या अन्य सब्जियों के साथ मिलाकर बनाया जा सकता है। पकौड़ों को दही या हरी चटनी के साथ परोसा जा सकता है, जिससे उनका स्वाद और बढ़ जाता है।

कुट्टू का दलिया एक पौष्टिक नाश्ता है जिसे दूध और मेवों के साथ मिलाकर बनाया जाता है। यह बच्चों और बड़ों दोनों के लिए फायदेमंद होता है और इसे आसानी से पचाया जा सकता है।

कुट्टू की खिचड़ी एक हल्का और पौष्टिक व्यंजन है जिसे व्रत के दौरान खासतौर पर बनाया जाता है। इसे दही के साथ खाया जाता है और यह पाचन के लिए भी लाभकारी होती है।




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